लाख की चूड़ियाँ | Class VIII

 शब्द अर्थ – (Difficult Words)

लाख – लाह                             पैतृक – पिता सम्बन्धी

चाव – ख़ुशी                             मनिहार– चूड़ी बनाने वाला

गोलियाँ – कंचे                          नव-वधू – नई बहू

मोह – आकर्षित                        मचिये – चौकोर खाट

सहन – आँगन                           पश्चात् – बाद में

वृक्ष – पेड़                                 बेलननुमा मुँगेरियाँ – गोल लकड़ी

भट्टी – अँगीठी                           सलाख – धातु की छड़

दहकती –जलती                        चौखट – लकड़ी का चौकोर टुकड़ा

पश्चात – बाद                              मुखातिब – सामने मुख करके बोलना

लहककर – खुश हो कर               ढेर – बहुत

चौगुने – चार-गुना                        दृष्टि – नज़र

बखत – समय                             फब – सुन्दर

अंजुली – हथेली                           ठिठक – रूक

वास्तव – हकीकत                        लोहे लगना  – मुश्किल होना

खपत – बिक्री                              वस्तु-विनिमय – वस्तु के बदले वस्तु

विवाह – शादी                              अंदर-ही-अंदर कुढ़ – मन ही मन दुखी होना

कसर – कमी                                मरद – पति

घरवाली – पत्नि                              नाजुक – कोमल

ढेरों – बहुत सारा                            अतिरिक्त – अलावा

पगड़ी – पग                                   रोज – प्रतिदिन

व्यथा – दुख                                   अतीत के चित्र –पुरानी यादें

नाजुक – मुलायम                              दृष्टि – नज़र

दमा – लगातार खांसते रहना              भट्टी  – चूल्हा

ढल – कमजोर                                प्रचार – चलन

उभर – दिखने लगी                          खतरनाक – नुकसान देने वाला

हाथ काटना – बेरोज़गार करना           निहारता – एकटक देखना

शंका – दुविधा या शक़                      आँगन – बेड़ा

सहसा – एकाएक                              मरहम-पट्टी – घाव पर दवा लगाकर पट्टी बाँधना

ध्यान – ख्याल                                    अवधि – समय

ध्यान – याद                                        रुचि – लगाव

स्त्रियाँ – औरतें                                    बहुधा – हमेशा

विरले – बहुत कम                                भाँप – जानना

सहसा – अचानक                                  खाट – चारपाई

चबूतरे – ऊँचा और चौरस स्थान

फसली खाँसी – बदलते मौसम के कारण हुई ख़ासी

कहानी से

प्रश्न 1- बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव चाव से क्यों जाता था और बदलू को ‘बदलू मामा’ न कहकर ‘बदलू काका’ क्यों कहता था?

उत्तर - बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव चाव से इसलिए जाता था क्योंकि लेखक के मामा के गाँव में बदलू मनिहार रहता था। वह बहुत ही सुंदर चूड़ियाँ बनता था। लेखक को बदलू से अत्यधिक लगाव था। वह लेखक को ढेर सारी लाख की रंग-बिरंगी गोलियाँ बनाकर देता था।

गाँव के सभी बच्चे बदलू को ‘बदलू काका’ कहकर बुलाते थे इसलिए लेखक भी उसे ‘बदलू मामा’ न कहकर ‘बदलू काका’ कहता था।

प्रश्न 2: वस्तु-विनिमय क्या है? विनिमय की प्रचलित पद्धति क्या है?

उत्तर -  जब किसी एक वस्तु या सेवा के बदले दूसरी वस्तु या सेवा का लेन-देन होता है तो इसे वस्तु विनिमय कहते हैं। जैसे एक गाय लेकर १० बकरियाँ देना। इस पद्धति में रूपये-पैसे का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।उदाहरण के तौर पर पाठ में लोग अनाज के बदले बदलू से चूड़ियाँ ले जाया करते थे। किन्तु अब मुद्रा के चलनके कारण वर्तमान परिवेश में वस्तु का लेन-देन मुद्रा के द्वारा होता है। विनिमय की प्रचलित पद्धति पैसा है।

प्रश्न-3:  ‘मशीनी युग’ ने कितने हाथ काट दिए हैं।’ – इस पंक्ति में लेखक ने किस व्यथा की ओर संकेत किया है?

उत्तर -  'मशीनी युग ने कितने हाथ काट दिए हैं'- इस पंक्ति में लेखक ने मशीनों के प्रयोग के कारण समाज में बढ़ती बेरोज़गारी और बेकारी की समस्या की ओर संकेत किया है। मशीनीकरण के कारण हस्तशिल्प पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा। कारीगरों के पैतृक व्यवसाय बंद हो गए। लोग बेरोज़गार हो गए। मशीनों के आगमन से कारीगरों की रोज़ी रोटी का साधन ख़त्म हो गया।

प्रश्न-4:   बदलू के मन में ऐसी कौन-सी व्यथा थी, जो लेखक से छिपी न रह सकी?

उत्तर -  बदलू लाख की चूड़ियाँ बेचा करता था परन्तु जैसे-जैसे काँच की चूडियों का प्रचलन बढ़ता गया उसकाव्यवसाय ठप पड़ने लगा। अपने व्यवसाय की यह दुर्दशा बदलू को मन ही मन कचौटती थी। बदलू के मन की यह व्यथा लेखक से छिपी न रह सकी।

प्रश्न 5: मशीनी युग से बदलू के जीवन में क्या बदलाव आया?

उत्तर - मशीनी युग के कारण उसका सारा व्यवसाय चौपट हो गया। उसने इस लाख की चूड़ियों के अलावा कभी और कुछ सीखा ही नहीं था। जिसके कारण वह बेरोज़गार हो गया। अब वह कमज़ोर व बीमार हो गया था। उसकी बेबसी लेखक को उसके चेहरे पर दिखाई देने लगी थी। जिसने उसे एक बूढ़ा व बीमार व्यक्ति बना दिया था।

भाषा की बात

प्रश्न 1- बदलू को किसी बात से चिढ़ थी तो काँच की चूड़ियों से' और बदलू स्वयं कहता है - जो सुंदरता काँच की चूड़ियों में होती है लाख में कहाँ संभव है?'' ये पंक्तियाँ बदलू की दो प्रकार की मनोदशाओं को सामने लाती हैं। दूसरी पंक्ति में उसके मन की पीड़ा है। उसमें व्यंग्य भी है। हारे हुए मन से, या दुखी मन से अथवा व्यंग्य में बोले गए वाक्यों के अर्थ सामान्य नहीं होते। कुछ व्यंग्य वाक्यों को ध्यानपूर्वक समझकर एकत्र कीजिए और उनके भीतरी अर्थ की व्याख्या करके लिखिए।

उत्तर -
बदलू ने मेरी दृष्टि देख ली और बोल पड़ा, यही आखिरी जोड़ा बनाया था ज़मींदार साहब की बेटी के विवाह पर, दस आने पैसे मुझको दे रहे थे। मैंने जोड़ा नहीं दिया। कहा, शहर से ले आओ।

इस कथन में उसके ज़मींदार पर व्यंग्य करना है। जिस बदलू की चूड़ियों की धूम सारे गाँव में नहीं अपितु आस पास के गाँवों में भी थी, लोग शादी-विवाह पर उसको मुहँ माँगें मूल्य दिया करते थे, ज़मींदार उसे दस आने देकर सन्तुष्ट करना चाहते थे। दूसरा व्यंग्य उसने शहर पर किया है । ज़मींदार के द्वारा उसको सिर्फ़ दस आने देने पर उसने जमींदार को चूड़ियाँ शहर से लाने के लिए कह दिया क्योंकि शहर की चूड़ियों का मूल्य उसकी चूड़ियों से सहस्त्र गुना महँगा था।

प्रश्न- 2: 'बदलू' कहानी में दृष्टि से पात्र है और भाषा की बात (व्याकरण) की दृष्टि से संज्ञा है। किसी भी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, विचार अथवा भाव को संज्ञा कहते हैं। संज्ञा को तीन भेदों में बाँटा गया है

(क) व्यक्तिवाचक संज्ञा, जैसे-शहर, गाँव, पतली-मोटी, गोल, चिकना इत्यादि

(ख) जातिवाचक संज्ञा, जैसे-चरित्र, स्वभाव, वजन, आकार आदि द्वारा जानी जाने वाली संज्ञा।

(ग) भाववाचक संज्ञा, जैसे-सुंदरता, नाजुक, प्रसन्नता इत्यादि जिसमें कोई व्यक्ति नहीं है और न आकार, वजन। परंतु उसका अनुभव होता है। पाठ से तीनों प्रकार की संज्ञाएँ चुनकर लिखिए।

उत्तर -
(क) व्यक्तिवाचक संज्ञा -
जमींदार, मामा, बदलू।

(ख) जातिवाचक संज्ञा -
स्त्रियाँ, चारपाई, बेटी, बच्चे, चूड़ियाँ।

(ग) भाववाचक संज्ञा -
बीमार, बेरोजगार, प्रसन्नता, व्यक्तित्व, शांति, पढ़ाई।

प्रश्न- 3: गाँव की बोली में कई शब्दों के उच्चारण बदल जाते हैं। कहानी में बदलू वक्त (समय) को बखत, उम्र (वय/आयु) को उमर कहता है। इस तरह के अन्य शब्दों को खोजिए जिनके रूप में परिवर्तन हुआ हो, अर्थ में नहीं।

उत्तर -
उम्र- उमर
मर्द - मरद
भैया - भइया
ग्राम - गाँव
अंबा - अम्मा
दुर्बल - दुबला

अतिरिक्त प्रश्न

प्रश्न-1 किसी भी स्त्री के हाथों में काँच की चूड़ियों को देखकर बदलू की क्या प्रतिक्रिया होती थी?

उत्तर-यदि किसी भी स्त्री के हाथों में उसे काँच की चूड़ियाँ दिख जातीं तो वह अंदर - ही - अंदर कुढ़ उठता औरकभी कभी तो दो - चार बातें भी सुना देता।

प्रश्न-2 आजकल सब काम मशीन से होता है खेत भी मशीन से जोते जाते हैं और फिर जो सुंदरता काँच की चूड़ियों में होती है, लाख में कहाँ संभव है?

उत्तर - यहाँ पर प्रथम व्यंग्य बदलू ने मशीनों पर किया है, दूसरा व्यंग्य काँच की चूड़ियों पर। उसके अनुसार अब तो खेतों का सारा काम मशीनों से हो जाता है। आदमियों की ज़रूरत क्या है और दूसरा काँच की चूड़ियों पर कि काँच की चूड़ियाँ दिखने में इतनी सुन्दर होती है कि लाख की चूड़ियाँ भी इनके आगे फीकी लगती हैं। अर्थात्‌ सुन्दरता के आगे दूसरी वस्तु की गुणवत्ता का कोई मूल्य नहीं है।

प्रश्न-3 लेखक को अपने मामा के गाँव जाने का सबसे बड़ा चाव क्या था?

उत्तर - लेखक को अपने मामा के गाँव जाने का सबसे बड़ा चाव यही था कि जब वह वहाँ से लौटता था तो उसकेपास ढेर सारी गोलियाँ होतीं, रंग - बिरंगी गोलियाँ जो किसी भी बच्चे का मन मोह लें।

प्रश्न-4 विवाह के अवसर पर बदलू को क्या - क्या मिलता था?

उत्तर - विवाह में उसके बनाए गए सुहाग के जोड़े का मूल्य इतना बढ़ जाता था कि उसके लिए उसकी घरवालीको सारे वस्त्र मिलते, ढेरों अनाज मिलता, उसको अपने लिए पगड़ी मिलती और रूपये मिलते।

प्रश्न-5 लेखक की निगाह एक क्षण के लिए रज्जो के हाथों पर क्यों ठिठक गई?

उत्तर - लेखक की निगाह एक क्षण के लिए रज्जो के हाथों पर इसलिए ठिठक गई क्योंकि उसके हाथों में लेखकने लाख की चूड़ियाँ देखी जो की उसकी गोरी गोरी कलाईयों पर बहुत फब रही थीं।

प्रश्न-6 किस घटना के बाद लेखक को सहसा बदलू का ध्यान हो आया?

उत्तर - बात यह हुई की लेखक के मामा की छोटी लड़की आँगन में फिसल कर गिर पड़ी और उसके हाथ कीकाँच की चूड़ी टूटकर उसकी कलाई में घुस गई और उससे खून बहने लगा। तभी सहसा लेखक को बदलू काध्यान हो आया।

प्रश्न-7 बदलू की बनाई गई चूड़ियों की बहुत खपत क्यों थी?

उत्तर - बदलू की बनाई गई चूड़ियों की बहुत खपत इसलिए थी क्योंकि वह बहुत ही सुंदर चूड़ियाँ बनाता था उस गाँव में तो सभी स्त्रियाँ उसकी बनाई हुई चूड़ियाँ पहनती थीं आस - पास के गाँवों के लोग भी उससे चूड़ियाँले जाते थे।

प्रश्न-8 मशीनी युग में अनेक परिवर्तन आए दिन होते रहते हैं। आप अपने आस-पास से इस प्रकार के किसी परिवर्तन का उदाहरण चुनिए और उसके बारे में लिखो।

उत्तर - मशीनी युग के परिवर्तन का एक अच्छा उदाहरण कृषि है। पहले किसान हर काम हाथ से ही किया करते थे। कुछ कार्यों के लिए बैलों का सहारा लेना पड़ता था। लेकिन आजकल हर काम मशीन से होता है। इससे छोटे मज़दूर बेकार हो गए, उन्हें अपनी रोज़ी कमाने शहर आना पड़ा।

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